जिदंगी के फेरे , होते है बडे गहरे…,
जो हल्के मे लिया तो डुबना भी तय है,
जो गहरे मे गया तो सुख चैन छिन लेगे….,
जो आ रहा है जैसे तु उसको वैसे लेले..१
ये जिदंगी के फेरे होते है बडे गहरे..,
कभी आसमां से ऊंचे, कभी सागरों से गहरे..
ना सोच तु जिए जा, फेरों पे फेरे लिए जा..
सुख मे दुख मे छांव मे धुप मे, बस मजे तु किए जा !
ये जिदंगी के फेरे होते है बडे गहरे..,
सौम्य साम्य रख तु , संवाद तु किए जा..
गर कोइ जख्म दे तो ,तु जख्म को सिंए जा..
आंसु नही बहाते हर अश्क को पीए जा..
ये जिदंगी के फेरे होते है बडे गहरे..,

ईक यग्य है ये जीवन ,आहुतियां से होगा ..आहुतियां दिए जा!
सुख देना तु सभी को दुख बांटता चले जा..
खुद भी सुखी हुए जा सब को सुखी किए जा,,
ये जिदंगी के फेरे होते है बडे गहरे..,

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